मरीज को मृत बताते ही परिजनों का हंगामा

अमेठी: एक तरफ देशभर में जहां डॉक्टर कोरो ना कि मरीजों का इलाज जान जोखिम में डालकर वह अपने परिवार की परवाह न करते हुए इलाज कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ डॉक्टरों पर हमले भी होने की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। बीती रात अमेठी के जिला अस्पताल में एक महिला मरीज को परिजन लेकर पहुंचे। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला को देखते ही मृत बता दिया। यही डॉक्टरों के लिए भारी पड़ गया और परिजनों ने आव देखा न ताव, मौके पर मौजूद स्टाफ को दौड़ा दौड़ा कर बुरी तरह से पीटा। इतने से भी जी नहीं भरा तो परिजनों ने इमरजेंसी सहित कई विभागों में तोडफोड़ भी कर दी। इनकी इस हरकत से अस्पताल परिसर में भगदड़ मच गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने मरीज के इलाज में देरी कर दी इसलिए उनकी मौत हो गई, तो वही डॉक्टरों ने बताया की महिला मरीज मृत अवस्था में ही लाई गई थी जिसे देखने के बाद मृत घोषित किया गया। इतना सुनते ही परिजन उग्र होकर हमला कर दिए। हमले के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी मौके पर पुलिस बल ने पहुंच स्थिति को नियंत्रित किया।
मुंशीगंज थाना क्षेत्र के छोटी गरथोलिया गांव के रहने वाले मंजीत कुमार 55 वर्षीय अपनी मां सोना देवी को सीने में दर्द होने के बाद जिला अस्पताल ले आए थे । जहां परिजनों के अनुसार घंटों तड़पने के बाद मरीज को देखा गया। इस दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने कहा यदि समय रहते चिकित्सा शुरू हो जाती तो मरीज को बचाया जा सकता था। वही ड्यूटी पर मौजूद फार्मेसिस्ट के अनुसार महिला को मृत लाया गया था। फोन कर मौके पर डॉक्टर को बुलाया गया और डॉक्टर के मृत घोषित करते ही परिजनों के साथ आई महिलाओं ने चप्पलों से मारपीट करना शुरू कर दिया।
घटना के दौरान किसी तरह से वहां मौजूद फार्मासिस्ट व डॉक्टर जान बचाकर भाग निकले। मामले को लेकर सीएमओ ने पुलिस अधीक्षक अमेठी को पत्र लिखकर जिला अस्पताल में पर्याप्त पुलिस बल लगाए जाने का अनुरोध किया है साथ ही इस घटना के संबंध में कार्यवाही के लिए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली गौरीगंज को पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने को कहा है।

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