ड्राइवर के बिना ट्रेनों को चलाने की तैयारी में रेलवे

नई दिल्ली : भारतीय रेलवे अपने इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार विकसित करने के बीच आगामी कुछ सालों में बिना ड्राइवर के ही ट्रेन पटरी पर दौड़ाने की तैयारी कर रहा है। रेलवे ने ऐसी प्रणाली को विकसित की है जिससे ड्राइवर के ऑटो मोड पर ट्रेन चलाना आसान हो जाएगा। इसके लिए रेलवे को 5 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम मिल गई है।
रेलवे के सूत्रों की माने तो स्पेक्ट्रम की बदौलत ट्रेनों को अब बिना ड्राइवर चलाने की दिशा में काम हो सकेगा। स्पेक्ट्रम की वजह से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और स्मूथ सिगनलिंग में मदद मिलेगा। इसके अलावा ट्रेन की मूवमेंट पर भी नजर रखना आसान हो जाएगा। रेलवे को यह स्पेक्ट्रम 4जी के तहत मिला है। इसकी वजह से सिग्नल और संचार मुहैया कराना अब आसान हो जाएगा। इसके साथ ही रेलवे ने एक और अच्छी खबर दी है। उत्तर भारत में सर्दियों में घने कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लग जाता है। ट्रेन ड्राइवर को कोहरे के दौरान सिग्नल के लिए बाहर देखना पड़ता था। सिग्नल साफ तौर पर दिखाई ना देने के कारण ट्रेन बेहद ही धीमी गति में चलती थी। हालांकि, अब ऐसा नहीं होगा। स्पेक्ट्रम की वजह से ड्राइवर के कैब में ही सिग्नल मुहैया हो जाएगा जिसकी वजह से ड्राइवर को हालात के बारे में पहले ही पता चल जाएगा।
इतना ही नहीं, इस स्पेक्ट्रम के मिल जाने से ट्रेन में कई तरह की सुविधाओं को दुरुस्त करने में मदद मिलेगी जैसे कि सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। इससे सुरक्षा व्यवस्थाओं पर नजर रखा जा सकेगा। सारे स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा प्रदान कर दी जाएगी। रेलवे ट्रैक की भी निगरानी हो सकेगी। वीडियो और साउंड में भी सुधार की गुंजाइश है। ट्रेन की रफ्तार भी बढ़ेगी। अभी दिल्ली मुंबई और दिल्ली हावड़ा रूट पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटे की है। इसे 200 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाए जाने की संभावना है। पहले साल में 600 किलोमीटर रेल नेटवर्क में सुधार होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *