मनरेगा घोटाला में फरार ठीकेदार व उसके सहयोगी पुलिस गिरफ्त से बाहर

महराजगंज: घुघली व परतावल ब्लाक के तर्ज पर मिठौरा व महराजगंज ब्लाक में भी तकरीबन एक करोड़ से अधिक का मनरेगा घोटाला किया गया है। पहले परतावल में प्रशासन के संज्ञान में घोटाला आते ही बीते 28 मई को ठीकेदार दिनेश मौर्य, एपीओ विनय कुमार मौर्य, वन विभाग के 3 कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। फिर घुघली में मनरेगा घोटाला उजागर होने पर भी प्रशासन ने बीते 15 जून को तत्काल कार्यवाही करते हुए घोटाले के मास्टरमाइंड घुघली के निवर्तमान एपीओ विनय कुमार मौर्य, परतावल व घुघली ब्लाक के तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर यशवंत यादव, घुघली के कंप्यूटर ऑपरेटर प्रदीप शर्मा, दिनेश मौर्य व अमन ट्रेडिंग कंपनी एवं अंकित इंटरप्राइजेज नाम पता अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर करवाई की। हालांकि इस मामले में पुलिस के गिरफ्त में आये विनय कुमार मौर्य के बयान के आधार पर डीआरडीए महराजगंज के कंप्यूटर ऑपरेटर शिवराम गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर कर लिया। इस वक्त दोनों जेल में हैं। गौरतलब हो कि मुकदमा पंजीकृत हुए करीब एक माह होने को है, लेकिन लखनऊ से बंद पड़ी आईडी को स्टेट लॉगिंन से खुलवाने व घोटाला की सेटिंग करने में अहम भूमिका अदा करने वाले ठीकेदार दिनेश मौर्य तक पुलिस के हाथ नही पहुंचे हैं। इसे लेकर लोगों में खूब चर्चा हो रही है।

घुघली व परतावल के तर्ज पर की गयी महराजगंज व मिठौरा में मनरेगा घोटाला

घुघली, महराजगंज

पहले परतावल फिर घुघली में तकरीबन पौने दो करोड़ का मनरेगा में घोटाला करने के बाद ठीक उसी तर्ज पर मिठौरा और महराजगंज में भी करोड़ों का घोटाला किया गया। घोटाला में सम्मिलित अमर ट्रेडिंग कंपनी नामक फर्म का इस्तेमाल घुघली और परतावल में किया गया। उसी फर्म का इस्तेमाल महराजगंज और मिठौरा ब्लॉक में भी किया गया है। घुघली और परतावल की तरह मिठौरा और महराजगंज में भी घोटाला करने के लिए बिना काम कराए एक ही प्रकार के तौर-तरीकों का इस्तेमाल किया गया। मिठौरा और महराजगंज में भी मिट्टी के कार्य में लाखों रुपए के सीमेंट, ईट और गिट्टी का प्रयोग दिखाकर सरकारी धन की खुलेआम लूट की गई है। फिर भी ना जाने किस अदृश्य दबाव में प्रशासन मिठौरा एवम महराजगंज ब्लाक में हुए घोटाले पर कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए है। सबसे हास्यास्पद बात तो यह है कि मिठौरा और महराजगंज में घोटाला उजागर होने पर भी जहां प्रशासन कार्रवाई करने से बच रहा है। वही लाइन डिपार्टमेंट में मनरेगा जांच कि दिखावा कर लीपापोती करना चाह रहा है। अगर शासन की मंशा कार्रवाई करने की होती तो मिठौरा और महराजगंज में भी करवाई हो गई होती। महराजगंज और मिठौरा में मनरेगा घोटाला मीडिया में खूब सुर्खियों में रहा। बावजूद इसके प्रशासन की चुप्पी समझ मे नही आ रही है।

मिठौरा व महराजगंज में हो रही जांच, बक्से नहीं जाएंगे दोषी- डीसी मनरेगा

घुघली, महराजगंज

मिठौरा और महराजगंज ब्लॉक में मनरेगा घोटाला उजागर होने के बाबत पूछे जाने पर डीसी मनरेगा अनिल चौधरी ने बताया कि इन दोनों ब्लाकों में घोटाले की जांच हो रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर की जाएगी कड़ी कार्रवाई।

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