बीमारों को समुचित इलाज का दावा पूरी तरह झूठा साबित

कुशीनगर: जनपद में बीमारों के समुचित इलाज का दावा पूरी तरह झूठा साबित हो रहा है। हकीकत देखने के लिए आप जिला संयुक्त अस्पताल चले आइए। यहां आपको फर्श पर लेटे मरीजों व उनके तीमारदारों के चेहरे पर दिखने वाली लाचारी बता देगी कि यहां संवेदना कराह रही है। यहां की तस्वीर बता देगी कि ध्वस्त व्यवस्था किस तरह चीख रही है। यह सबकुछ वहां हो रहा है, जहां से चंद कदमों की दूरी पर जिले के आला अफसर बैठते हैं। जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं का खाका तैयार किया जाता है।

कोरोना काल में बेहतर व्यवस्था का दावा करने व शासन को रिपोर्ट भेजने वाले जिम्मेदारों को मरीजों का दर्द नहीं दिख रहा है। इलाज के लिए बेहाल पहुंचे लोगों को यहां की संवेदनहीनता और अव्यवस्था बुरी तरह परेशान कर देती है। मजबूरी ऐसी कि कुछ कह भी नहीं सकते, कह दें तो शायद फर्श पर भी इलाज न मिले। इसका सुबूत मिला फर्श पर लिटाकर अपने स्वजन का इलाज कर रहे तीमारदार से। पूछा गया कि आप कहां के रहने वाले हैं। हाथ में कलम-कागज देख व सवाल को समझ कर जवाब दिया हम कुछ नहीं बता सकते आप खबर छाप देंगे तो जो सुविधा मिल रही है वह भी नहीं मिलेगी।

अभी एक मरीज ने मीडिया को बुलाने की बात कही तो यहां के कर्मचारियों ने भगा दिया है। अपनी मां का इलाज करा रही एक युवती ने यह सुनते ही दुपट्टे से मुंह बाध लिया और पूछने पर किसी सवाल का जवाब देने से साफ इन्कार कर दिया। बस इतना कहा कि हमारी मजबूरी है, पैसा नहीं है और कहा जाएंगे इलाज कराने। फर्श मिली है, यही सही। अब मरीज बोलें न बोलें, उनकी मजबूरी हो सकती है, लेकिन सच बयां करती तस्वीर की कोई मजबूरी नहीं है। सीएमओ डा. एनपी गुप्ता ने बताया कि उपलब्ध संसाधनों के आधार पर बेहतर सुविधा दी जा रही है। फर्श पर लिटाकर इलाज करने की जानकारी मुझे नहीं है।

 

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